इंदौर। शहर में बढ़ते जल संकट और लगातार गिरते भूजल स्तर को लेकर हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान नगर निगम ने विस्तृत शपथ पत्र प्रस्तुत कर जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी है। निगम के अनुसार वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जल संरक्षण संबंधी नियमों का पालन न करने वाले सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी प्रतिष्ठानों और भवन मालिकों को 10 हजार से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा जनभागीदारी और सीएसआर सहयोग से 288 रिचार्ज शाफ्ट तैयार किए गए हैं तथा शहर के प्रमुख जलस्रोतों से जुड़े 24 प्राकृतिक और कृत्रिम चैनलों की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य जारी है। यह मामला राजलक्ष्मी फाउंडेशन द्वारा दायर जनहित याचिका के माध्यम से उठाया गया था, जिसमें सूखते जलस्रोतों, भूजल स्तर में गिरावट और वर्षा जल संरक्षण नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई है। निगम ने अदालत को यह भी बताया कि नागरिकों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल पुनर्भरण संरचनाएं बनाने के लिए जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब हाईकोर्ट निगम द्वारा उठाए गए कदमों की प्रभावशीलता का आकलन करेगा और अगली सुनवाई में शहर की वास्तविक जल स्थिति तथा भविष्य के उपायों पर भी विचार हो सकता है।
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जल संकट पर हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम ने पेश की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट




