नई दिल्ली। भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने डिफेंडिंग चैंपियन जापान को 4-1 से हराया। इससे पहले भारत 2001 और 2016 में भी यह खिताब जीत चुका है। फाइनल में आशीष तानी पुर्ती ने हैट्रिक लगाकर जीत के नायक बने, जबकि कप्तान केतन कुशवाहा ने एक गोल किया। आशीष ने टूर्नामेंट में कुल 17 गोल दागकर टॉप स्कोरर का खिताब भी हासिल किया। मैच के शुरुआती 90 सेकंड में मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर आशीष ने भारत को बढ़त दिलाई, जबकि दूसरे और तीसरे क्वार्टर में उन्होंने दो और गोल कर हैट्रिक पूरी की। कप्तान केतन ने 30वें मिनट में गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी थी। जापान की ओर से एकमात्र गोल नुमादा गाकु ने 52वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर किया। इससे पहले सेमीफाइनल में भी आशीष ने पाकिस्तान के खिलाफ हैट्रिक सहित चार गोल किए थे। वहीं महिला अंडर-18 टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों भारतीय टीमों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। खिताब जीतने के बाद हॉकी इंडिया ने पुरुष टीम के खिलाड़ियों को 3-3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 1.5 लाख रुपये देने की घोषणा की, जबकि महिला टीम के खिलाड़ियों को 1-1 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया।
भारत तीसरी बार बना अंडर-18 हॉकी एशिया कप चैंपियन, फाइनल में जापान को 4-1 से हराया




