नोएडा। श्रमिक आंदोलन को भड़काने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को यूपी एसटीएफ ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है, जिस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था और जिसकी तलाश में नोएडा पुलिस की छह टीमें लगातार जुटी थीं। जांच में सामने आया कि आदित्य आनंद ने रूपेश राय और मनीषा के साथ मिलकर 9 और 10 अप्रैल को कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर श्रमिकों को हिंसा के लिए उकसाया था, जबकि थाना फेस-2 में उसके खिलाफ पहले ही केस दर्ज था और कोर्ट से गैर-जमानती वारंट भी जारी हो चुका था। पुलिस के अनुसार नोएडा हिंसा सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के कुछ हैंडल पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे थे और भड़काऊ सामग्री के जरिए माहौल खराब किया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आदित्य आनंद, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहा है, मजदूर बिगुल संगठन से जुड़ने के बाद सक्रिय रूप से आंदोलन में शामिल हुआ और उसके घर पर ही दंगे की योजना बनाई गई थी। 13 अप्रैल को भड़की हिंसा में कई इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने अब तक 60 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।
नोएडा हिंसा केस: मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद तमिलनाडु से गिरफ्तार




