नोएडा। श्रमिक आंदोलन की आड़ में हुई हिंसा और अराजकता को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें सामने आया कि बड़ी संख्या में शामिल लोग वास्तविक श्रमिक नहीं थे बल्कि माहौल बिगाड़ने की साजिश के तहत जुटाए गए थे। अब तक हुई 66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग गैर-श्रमिक पाए गए हैं, जबकि आगजनी और हिंसा में शामिल कई आरोपियों का संबंध संगठित नेटवर्क और संदिग्ध संगठनों से जोड़ा जा रहा है। पुलिस के अनुसार, भड़काने और उपद्रव फैलाने के आरोप में दर्जनों लोगों की पहचान कर कार्रवाई की गई है और कुछ आरोपियों के तार बाहरी राज्यों व सोशल मीडिया के जरिए फैलाए गए भ्रामक प्रचार से भी जुड़े मिले हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को सुनियोजित साजिश मानकर गहराई से पड़ताल कर रही हैं, जिसमें राजनीतिक कनेक्शन और तथाकथित अर्बन नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है। प्रशासन का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर हालात को काबू में कर लिया गया और अब औद्योगिक गतिविधियां सामान्य हो रही हैं, साथ ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नोएडा हिंसा के पीछे साजिश का खुलासा, 45 गैर-श्रमिक गिरफ्तार; बाहरी नेटवर्क और राजनीतिक कनेक्शन की जांच तेज




