नोएडा। सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार और मंगलवार को भड़की हिंसा के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसमें 80 से ज्यादा जगहों पर तोड़फोड़ और पथराव के पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने 7 थानों में FIR दर्ज कर 4 महिलाओं समेत 396 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि करीब 42 हजार कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया के जरिए श्रमिकों की मौत की अफवाह फैलाई गई, जिससे माहौल अचानक उग्र हो गया। पुलिस के मुताबिक, कुछ बाहरी और ट्रेंड लोग आंदोलन में घुसकर हिंसा भड़काने का काम कर रहे थे, जिनमें छात्र, अधिवक्ता और अन्य पेशों से जुड़े लोग शामिल हैं। नक्सल कनेक्शन और फंडिंग एंगल की भी जांच की जा रही है, साथ ही 75 सोशल मीडिया अकाउंट्स और 60 व्हाट्सएप ग्रुप्स की जांच चल रही है। दूसरी ओर, श्रमिकों का कहना है कि वे महंगाई के चलते सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे और हिंसा में उनकी भूमिका नहीं है, जबकि यूनियन ने भी खुद को इस बवाल से अलग बताया है। पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है।
नोएडा हिंसा: सैलरी विवाद के बीच साजिश का शक, 396 हिरासत में; अफवाहों से भड़का बवाल




