नोएडा। हिंसक प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की है, जिनमें रूपेश राय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आदित्य आनंद अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी हिंसा के दौरान नोएडा में मौजूद थे और श्रमिकों को भड़काने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। जांच में ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ समेत तीन संगठनों के नाम सामने आए हैं, जिसका नेतृत्व रूपेश राय कर रहा था। खुलासा हुआ है कि 9 और 10 अप्रैल को वॉट्सएप ग्रुप बनाकर बड़ी संख्या में श्रमिकों को जोड़ा गया और उन्हें सड़कों पर उतरकर तोड़फोड़ व आगजनी के लिए उकसाया गया, जिसके बाद 13 अप्रैल से शुरू हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया और दो दिन तक अलग-अलग इलाकों में पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जांच में दो संदिग्ध X (ट्विटर) हैंडल ‘Meer Ilayasi’ और ‘Ayushi Tiwari’ की जानकारी मिली है, जो पिछले तीन महीनों से सक्रिय थे और कथित रूप से पाकिस्तान से VPN के जरिए ऑपरेट किए जा रहे थे; इनका बैक डेटा मंगवाया गया है। अब तक इस मामले में 62 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार 31 मार्च और 1 अप्रैल को तीनों साजिशकर्ता नोएडा में साथ मौजूद थे और योजनाबद्ध तरीके से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ा गया। वहीं, श्रमिकों का कहना है कि कम वेतन और लंबे काम के घंटों के कारण वे प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बाद सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में करीब 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी का फैसला लिया है और स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
नोएडा हिंसा: 3 साजिशकर्ता चिन्हित, 2 गिरफ्तार; पाकिस्तान से ऑपरेट हुए संदिग्ध हैंडल




