नई दिल्ली। गुरुग्राम निवासी एक दंपती ने दिल्ली के एक आईवीएफ सेंटर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आईवीएफ प्रक्रिया के बाद जन्मी उनकी जुड़वां बेटियों का डीएनए न तो मां से और न ही पिता से मेल खाता है। दंपती के अनुसार, इलाज के दौरान उन्हें आश्वस्त किया गया था कि प्रक्रिया में केवल उनके ही जैविक नमूनों का उपयोग किया जाएगा। जनवरी 2026 में जुड़वां बच्चियों के जन्म के बाद परिवार के कुछ लोगों ने बच्चों की शक्ल-सूरत को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद दंपती ने अलग-अलग लैब में डीएनए परीक्षण कराया। रिपोर्ट में जैविक संबंध नहीं मिलने का दावा किए जाने के बाद उन्होंने संबंधित आईवीएफ सेंटर और अस्पताल से संपर्क किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद विभिन्न सरकारी संस्थाओं और पुलिस से शिकायत की गई। दंपती का कहना है कि अदालत के निर्देश पर मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने आईवीएफ प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और भ्रूण संबंधी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने ऐसे अन्य परिवारों से भी संपर्क करने की अपील की है, जिन्होंने उसी अवधि में संबंधित केंद्र से आईवीएफ उपचार कराया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
IVF से जन्मी जुड़वां बेटियों का DNA माता-पिता से नहीं मिला, दंपती ने लगाया बच्चों की अदला-बदली का आरोप




