गाजियाबाद। वेव सिटी क्षेत्र में 23 जुलाई को खेत में मिले युवती के शव की पहचान रीमा के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए युवती के भाई दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि यह ऑनर किलिंग का मामला है। आरोप है कि हत्या के बाद दीपक ने हापुड़ के बृजघाट पहुंचकर मुंडन कराया और पिंडदान भी किया।
पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई की सुबह करीब 9:07 बजे डायल-112 पर सूचना मिली थी कि काजीपुरा स्थित एक खेत में घसीटने के निशान हैं और फसल टूटी हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस को खेत से खून से लथपथ युवती का शव मिला। पोस्टमार्टम में गले पर धारदार हथियार से किए गए वार के कारण मौत की पुष्टि हुई। शव की पहचान के लिए पुलिस ने 400 से 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों की बीटीएस लोकेशन भी खंगाली।
जांच के दौरान पुलिस ने सिद्धार्थनगर निवासी दीपक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह गाजियाबाद, नोएडा और एनसीआर में पीओपी का काम करता है। उसके अनुसार, उसकी 20 वर्षीय बहन रीमा करीब 15 दिन पहले गांव के एक युवक के साथ चली गई थी, जिसके बाद परिवार उसे वापस ले आया था। बाद में रीमा नोएडा स्थित अपनी मौसी के घर रहने लगी, लेकिन वह उसी युवक से शादी करने की बात पर अड़ी हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, दीपक 20 जुलाई को रीमा को घर छोड़ने का बहाना बनाकर नोएडा से ऑटो में अपने साथ लाया। वेव सिटी के काजीपुरा क्षेत्र के पास उसने कथित तौर पर आरी के ब्लेड से रीमा की गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को घसीटकर खेत में फेंक दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि परिवार की बदनामी और बहन के शादी के फैसले से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया आरी का ब्लेड भी बरामद कर लिया है।




