गाजियाबाद। गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में बुधवार को उस वक्त पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए, जब एक 17 वर्षीय किशोरी अचानक उनकी नजरों से ओझल हो गई। किशोरी को शालीमार गार्डन थाने की टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर आई थी। जांच की प्रक्रिया के बीच वह पुलिसकर्मियों की निगाह से बचकर अस्पताल के दूसरे हिस्से में चली गई।
किशोरी के गायब होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने अस्पताल को घेरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। आसपास के रास्तों और अस्पताल के बाहर जाने वाले रास्तों पर भी नजर रखी गई। इसी दौरान CCTV फुटेज की मदद से पुलिस को पता चला कि किशोरी अस्पताल से बाहर निकली ही नहीं थी। इसके बाद अस्पताल की इमारत के भीतर तलाशी तेज कर दी गई।
करीब कुछ देर की तलाश के बाद किशोरी अस्पताल के एक वार्ड में छिपी हुई मिल गई। पुलिस ने उसे अपने साथ लिया और आगे की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वन स्टॉप सेंटर पहुंचा दिया।
महिला पुलिसकर्मी के हटते ही बदल गया पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को शालीमार गार्डन थाने के एक उपनिरीक्षक और महिला सिपाही किशोरी को लेकर एमएमजी अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद एक्स-रे से संबंधित रिपोर्ट लेने के लिए महिला पुलिसकर्मी कुछ समय के लिए वहां से हट गई।
इसी दौरान किशोरी ने वॉशरूम जाने की बात कही और वहां से निकल गई। जब महिला सिपाही वापस लौटी तो किशोरी अपनी जगह पर नहीं थी। आसपास देखने के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो पुलिसकर्मियों ने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।
मामला पुलिस से जुड़ा होने के कारण अधिकारियों ने तुरंत अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को अस्पताल भेजा। शालीमार गार्डन और घंटाघर थाने की टीमों ने अस्पताल पहुंचकर अलग-अलग हिस्सों में तलाश शुरू कर दी।
कैमरे की फुटेज से मिली अहम जानकारी
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि किशोरी अस्पताल से निकलकर कहां गई। इसका जवाब CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग से मिला। फुटेज देखने पर पुलिस को ऐसा कोई रास्ता नहीं मिला, जिससे किशोरी अस्पताल परिसर से बाहर जाती दिखाई दी हो।
इसके बाद पुलिस ने अस्पताल के अंदर ही उसकी तलाश शुरू की। कमरों, वार्ड और अन्य हिस्सों को देखा गया। काफी देर तक चली खोजबीन के बाद किशोरी एक वार्ड में छिपी हुई मिल गई।
पुलिस के हाथ लगते ही उसे अस्पताल से सुरक्षित बाहर निकाला गया और बाद में बाल संरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया के तहत वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया।
चार दिन पहले युवक से हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, किशोरी मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और फिलहाल दिल्ली के एक रैन बसेरे में रह रही थी। 20 सितंबर को शालीमार गार्डन इलाके में उसका एक युवक से विवाद हो गया था।
आरोप है कि विवाद के दौरान किशोरी ने युवक के सिर पर ईंट से वार कर दिया। घटना के बाद युवक के परिजनों ने थाने में शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
बाद में बाल संरक्षण समिति के निर्देश पर किशोरी को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एमएमजी अस्पताल लाया गया था। इसी दौरान अस्पताल में उसके अचानक गायब होने की घटना सामने आई।
अब पुलिसकर्मियों से भी होगी पूछताछ
किशोरी के अस्पताल से अचानक चले जाने के मामले में अब पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। जिस उपनिरीक्षक और महिला पुलिसकर्मी के साथ किशोरी को अस्पताल लाया गया था, उनसे घटना को लेकर पूछताछ की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि किशोरी को तलाश लिया गया है और उसे सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि अस्पताल में किशोरी की निगरानी के दौरान किस स्तर पर चूक हुई।
डीसीपी ट्रांस हिंडन रिजुल कुमार के मुताबिक, किशोरी को खोज लिया गया है। उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है। उसके साथ अस्पताल आए पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी ली जाएगी और यदि निगरानी में कोई लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।




