नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच शनिवार दोपहर 3:30 बजे सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बातचीत होने की संभावना है। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार अपना रुख स्पष्ट कर सकती है। CJP ने साफ कहा है कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। पार्टी का दावा है कि सरकार आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमत हो चुकी है, जबकि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि CJP की तीन मांगों और परीक्षा सुधार से जुड़े पांच सुझावों पर चर्चा जारी है। इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर को बैरिकेडिंग कर जेल जैसा बना दिया गया है और पूरे दिल्ली में लोगों की आवाजाही प्रभावित की जा रही है। आंदोलन स्थल पर शनिवार सुबह भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे, जहां मेडिकल कैंप, हेल्प डेस्क और कैंडल मार्च जैसे कार्यक्रम जारी रहे। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए हैं। वहीं, सोनम वांगचुक ने एक नए वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने 26 दिन के अनशन के बाद केवल सरकार से लिखित आश्वासन मिलने पर अनशन समाप्त किया और किसी तरह की “डील” के आरोपों को सिरे से खारिज किया। दूसरी ओर, देश के 15 से अधिक राज्यों और 30 शहरों में आंदोलन जारी है, जहां कई स्थानों पर प्रदर्शन, झड़पें और हिरासत की घटनाएं भी सामने आई हैं।
CJP-सरकार की तीसरी बैठक आज, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर टिकी निगाहें




