नोएडा। श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर करीब 2000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने मामले का संज्ञान लेने के बाद इसे सत्र न्यायालय भेज दिया है, जहां अब आरोप तय करने और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल के वीडियो, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को शामिल किया गया है। जांच के अनुसार 13 अप्रैल को श्रमिक अपनी मांगों को लेकर फैक्ट्री के बाहर एकत्र हुए थे, लेकिन बाद में प्रदर्शन हिंसक हो गया। आरोप है कि भीड़ ने फैक्ट्री में घुसकर तोड़फोड़ की, वाहनों को नुकसान पहुंचाया, आगजनी की और पुलिसकर्मियों व कर्मचारियों से मारपीट की। पुलिस ने कंपनी अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, पुलिसकर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। जांच में कुछ आरोपियों पर भीड़ का नेतृत्व करने और लोगों को उकसाने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं आरोपी आकृति की ओर से बचाव पक्ष ने दावा किया है कि घटना के समय वह पहले से जेल में थी, इसलिए उसे आरोपी बनाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। अब सत्र न्यायालय में अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने तर्क और साक्ष्य पेश करेंगे।
नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में 2000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी




