धार। मध्यप्रदेश के धार स्थित Bhojshala मामले में आज Madhya Pradesh High Court की इंदौर बेंच अहम फैसला सुनाएगी, जिस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। फैसले को देखते हुए धार जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और करीब 1200 पुलिसकर्मियों के साथ रिजर्व फोर्स तथा रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने शहर की सुरक्षा को 12 लेयर में बांटा है और सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। शुक्रवार होने के कारण मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि भोजशाला परिसर में मुस्लिम समाज की जुम्मे की नमाज भी होती है। यह मामला 2022 में तब शुरू हुआ था, जब हिंदू पक्ष की ओर से भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण पूजा अधिकार देने की मांग करते हुए याचिका दायर की गई थी। इसके बाद Archaeological Survey of India ने 2024 में परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया। हिंदू पक्ष ने कोर्ट में भोजशाला को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर और विद्या केंद्र बताते हुए शिलालेख, स्थापत्य शैली, ऐतिहासिक दस्तावेज और परमार राजा भोज के ग्रंथ ‘समरांगण सूत्रधार’ का हवाला दिया, जबकि मुस्लिम पक्ष ने इसे लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में होने की बात कहते हुए सर्वे रिपोर्ट और याचिका की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Salman Khurshid और शोभा मेनन ने तर्क दिया कि धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है और वर्तमान व्यवस्था में बदलाव से सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। वहीं हिंदू पक्ष ने संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत नियमित पूजा-अर्चना, नमाज पर रोक और मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस भोजशाला में स्थापित करने की मांग की है। मामले में दो दिन पहले सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर आज निर्णय आने की संभावना है।
धार भोजशाला केस पर आज हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सुरक्षा के कड़े इंतजाम




