फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में मकान ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। सोमवार रात बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी अपने परिवारों और बच्चों के साथ एकत्र हुए और मोमबत्तियां जलाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। कई लोग अपने टूटे हुए घरों के मलबे पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घर टूटने के बाद उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और अब तक उनके पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई परिवार दशकों से यहां रह रहे थे, लेकिन विकास परियोजनाओं के लिए उनके घर हटाए जाने के बाद उन्हें वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं कराया गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि अनेक परिवार अभी भी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक पुनर्वास की समुचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और सरकार से जल्द समाधान निकालने तथा रहने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है।
उजड़े आशियानों का दर्द सड़कों पर, मलबे पर बैठकर लोगों ने जलाए मोमबत्तियां




