गाजियाबाद। सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर वीडियो कॉल और उसके बाद एआई की मदद से अश्लील वीडियो तैयार कर ब्लैकमेलिंग करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, गैंग ने कनाडा में रह रहे हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी एक एनआरआई को अपने जाल में फंसाकर उससे करीब 50 हजार अमेरिकी डॉलर की मांग की थी।
जांच में इस गिरोह के तार कई राज्यों तक जुड़े मिले हैं। पुलिस को आरोपियों से जुड़े 133 बैंक खातों की जानकारी मिली है। शुरुआती जांच में करीब 40 साइबर ठगी की घटनाओं में 6.58 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है।
फेसबुक पर फर्जी महिला बनकर करते थे दोस्ती
क्राइम ब्रांच की जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इसी तरीके से आरोपियों ने फेसबुक पर ‘नवनीत कौर’ नाम से एक प्रोफाइल बनाया था।
फर्जी प्रोफाइल के जरिए एनआरआई से दोस्ती की गई। बातचीत बढ़ने के बाद उसे मैसेंजर और वीडियो कॉल पर लाया गया। इसी दौरान उसकी वीडियो रिकॉर्ड कर ली गई। आरोप है कि बाद में तकनीक और एआई का इस्तेमाल करके रिकॉर्डिंग को आपत्तिजनक वीडियो के रूप में तैयार किया गया।
वीडियो पीड़ित को भेजने के बाद उसे डराया गया कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।
50 हजार डॉलर की मांग से मचा हड़कंप
आरोपियों ने वीडियो सार्वजनिक नहीं करने के बदले एनआरआई से करीब 50 हजार डॉलर की रकम मांगी। रकम ट्रांसफर करने के लिए उसे एक बैंक खाते की जानकारी दी गई।
पीड़ित ने मामले की शिकायत कनाडा पुलिस से की। वहां पुलिस की कार्रवाई के दौरान उसका फेसबुक अकाउंट भी डिलीट कराया गया। इसके बाद पीड़ित ने इंटरनेट के जरिए गाजियाबाद पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।
बैंक खाते ने खोला मुजफ्फरनगर कनेक्शन
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने जब आरोपियों द्वारा दिए गए बैंक खाते की जांच शुरू की तो उसकी कड़ियां मुजफ्फरनगर तक पहुंचीं। बैंक खाते से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे जांच बढ़ाई और गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान की।
एसीपी क्राइम अमित सक्सेना के मुताबिक, इस मामले में नूंह के पुन्हाना निवासी मोहम्मद फैसल और मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र के सरवट गांव निवासी मोहम्मद अमान त्यागी, मोहम्मद हम्माद त्यागी और मोहम्मद फैजान को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चार एटीएम कार्ड, पांच सिम कार्ड और 2,600 रुपये नकद बरामद किए हैं।
महज 15 हजार रुपये में उपलब्ध कराते थे बैंक खाते
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद फैसल बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है और मेवात क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधियों के संपर्क में था। आरोप है कि वह साइबर ठगी से जुड़े गिरोह के लिए काम करता था।
वहीं, मुजफ्फरनगर के सरवट गांव के तीनों आरोपी कथित तौर पर ठगी की रकम हासिल करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार, इन खातों को उपलब्ध कराने के बदले करीब 15 हजार रुपये लिए जाते थे।
कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें
क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दिल्ली समेत अलग-अलग राज्यों से जुड़ी करीब 40 शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों और बैंक खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि गिरोह ने सेक्सटॉर्शन के अलावा साइबर ठगी के दूसरे मामलों में भी लोगों को निशाना बनाया हो सकता है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मामले में मुजफ्फरनगर निवासी मारूफ समेत अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
क्राइम ब्रांच बैंक खातों, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर सेक्सटॉर्शन के इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।




