नई दिल्ली। बाहरी उत्तरी दिल्ली के नरेला इलाके में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की सनसनीखेज हत्या के दो दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। हत्याकांड के बाद दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू कर दिया है और करीब 50 पुलिस टीमें संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली से लेकर हरियाणा तक दबिश दे रही हैं।
पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही तकनीकी सर्विलांस और अन्य खुफिया जानकारियों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
हिसार और आसपास के इलाकों में छिपे होने की आशंका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आशंका जताई जा रही है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी हरियाणा के हिसार और आसपास के क्षेत्रों में छिपे हो सकते हैं।
दिल्ली पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने के लिए पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
‘आरोपी पकड़े बिना शव नहीं लेंगे’
हत्या के बाद मृतक प्रमोद के परिवार में भारी आक्रोश है। शनिवार को भी परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया।
परिजनों का कहना है कि जब तक हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव नहीं लेंगे। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखा है।
नहरी गांव में जुटी भीड़, प्रशासन को दी चेतावनी
प्रमोद के पैतृक गांव नहरी में शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग एकत्र हो गए। हत्या की घटना को लेकर लोगों में गुस्सा देखने को मिला।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
परिवार को मनाने में जुटे पुलिस अधिकारी
इधर, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मृतक के परिवार से बातचीत कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों की कोशिश है कि परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार करें और कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रहे।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक परिवार अपने रुख पर कायम बताया गया और शव लेने के लिए तैयार नहीं हुआ।
अब इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस की जांच और छापेमारी पर सभी की नजरें टिकी हैं। सवाल यही है कि 50 टीमों की तलाश के बावजूद फरार हत्यारे आखिर कब तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहेंगे।




