नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में 12 वर्षीय एक स्कूली छात्रा की मौत के बाद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि स्कूल में शिक्षिका की डांट और कथित मारपीट के बाद बच्ची की तबीयत लगातार खराब होती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और परिवार के आरोपों के साथ-साथ बच्ची के इलाज तथा उसकी मेडिकल हिस्ट्री की भी पड़ताल की जा रही है।
मृतक बच्ची सरकारी स्कूल में कक्षा सात की छात्रा थी। परिवार के अनुसार, स्कूल में कथित घटना 22 जुलाई को हुई थी। आरोप है कि बच्ची किताब लेकर स्कूल नहीं पहुंची थी, जिस पर क्लास टीचर ने उसे डांटा। परिजनों का दावा है कि सजा के तौर पर बच्ची को कक्षा के पीछे खड़ा किया गया और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट भी हुई।
स्कूल से बुलाए गए थे परिजन
परिवार का कहना है कि घटना के समय बच्ची की तबीयत पहले से ठीक नहीं थी। उसकी हालत खराब होने पर स्कूल की ओर से परिजनों को बुलाया गया था। घर ले जाने के बाद बच्ची का इलाज कराया गया और बाद में उसे आईएचबीएएस अस्पताल में भी दिखाया गया।
बच्ची की मां का आरोप है कि स्कूल में हुई कथित प्रताड़ना के बाद उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान रहने लगी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बच्ची की हालत खराब होने के बावजूद स्कूल की ओर से बाद में किसी ने उसकी जानकारी लेने की कोशिश नहीं की। हालांकि, पुलिस इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही है और फिलहाल इन्हें जांच के दायरे में रखा गया है।
27 अगस्त को हुई मौत, उसी दिन हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस के मुताबिक, छात्रा की मौत 27 अगस्त को हुई थी और परिवार ने उसी दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि बच्ची को पहले से मिर्गी की बीमारी का इतिहास था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कथित स्कूल घटना और बच्ची की मौत के बीच करीब 40 दिनों का अंतर है। इस अवधि के दौरान शिक्षिका द्वारा मारपीट या दुर्व्यवहार किए जाने को लेकर पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। बच्ची के अंतिम संस्कार से पहले भी इस संबंध में कोई शिकायत सामने नहीं आई थी।
मौसी की पीसीआर कॉल के बाद शुरू हुई कार्रवाई
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब सोमवार सुबह करीब 9 बजकर 51 मिनट पर कल्याणपुरी थाने की पुलिस को पीसीआर कॉल मिली। कॉल करने वाली बच्ची की मौसी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि स्कूल में शिक्षिका द्वारा बच्ची के साथ मारपीट की गई थी और इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। अब जांच टीम स्कूल में हुई कथित घटना से लेकर बच्ची के इलाज और उसकी मौत तक पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
मेडिकल रिकॉर्ड होंगे जांच की सबसे अहम कड़ी
चूंकि बच्ची का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है, इसलिए पुलिस के लिए मेडिकल दस्तावेज और इलाज से संबंधित रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। जांच अधिकारी अस्पतालों से उपचार संबंधी जानकारी जुटाने के साथ बच्ची की पुरानी स्वास्थ्य स्थिति की भी पड़ताल कर रहे हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और क्या स्कूल में हुई कथित घटना का उसकी तबीयत बिगड़ने या मौत से कोई सीधा संबंध था। परिवार के सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।




