गाजियाबाद। कमिश्नरेट पुलिस के अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत मसूरी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त 2026 को मसूरी थाना क्षेत्र में संदिग्ध लोगों और वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम की नजर दो संदिग्ध युवकों पर पड़ी। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की और तलाशी लेने पर अवैध हथियार बरामद हुआ। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय इसरान पुत्र रसीदुद्दीन और 19 वर्षीय रिहान पुत्र नौशाद के रूप में हुई है। इसरान मूल रूप से मुरादनगर क्षेत्र की ईदगाह बस्ती का रहने वाला बताया गया है, जबकि रिहान मेरठ के लोहियानगर इलाके का निवासी है। पुलिस के मुताबिक दोनों फिलहाल गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम क्षेत्र में रह रहे थे।
रोब जमाने के लिए रखते थे हथियार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे लोगों के बीच अपना दबदबा और रोब कायम करने के उद्देश्य से तमंचा रखते थे। पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को कब्जे में लेते हुए दोनों के खिलाफ मसूरी थाने में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों पहले किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं या नहीं और बरामद हथियार कहां से हासिल किया गया था।
अपराधियों को ACP की सख्त चेतावनी
मामले में एसीपी मसूरी सुनील भारद्वाज ने बताया कि क्षेत्र में अपराध और अवैध हथियारों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित जांच की जा रही है।
उन्होंने साफ कहा कि अवैध हथियार रखने, उनका प्रदर्शन कर लोगों में भय पैदा करने या किसी अपराध में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध व्यक्ति या अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मसूरी क्षेत्र में चेकिंग अभियान लगातार जारी है। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार रखने वाले लोगों के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।




