फरीदाबाद। क्रेडिट कार्ड पर कथित रूप से सक्रिय बीमा पॉलिसी बंद कराने का झांसा देकर एक व्यक्ति से हजारों रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में बल्लभगढ़ साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने एक फर्जी लिंक के जरिए पीड़ित से क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल की और उसके खाते से 39,329 रुपये निकाल लिए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी शोएब (25) और शेख दिलशाद अली (29) के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
फोन कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, बल्लभगढ़ निवासी पीड़ित के पास 9 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने पीड़ित को बताया कि उसके क्रेडिट कार्ड पर एक बीमा पॉलिसी सक्रिय है।
आरोपी ने पॉलिसी बंद कराने का झांसा दिया और इसके लिए पीड़ित के व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेज दिया। पीड़ित ने जैसे ही उस लिंक को खोलकर अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी दर्ज की, उसके खाते से 39,329 रुपये कट गए।
जांच में सामने आया बैंक खाते का कनेक्शन
ठगी की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पैसों के लेन-देन और बैंक खातों की पड़ताल की।
पुलिस के मुताबिक, जांच में शोएब का बैंक खाता इस साइबर ठगी से जुड़ा मिला। आरोप है कि शोएब ने अपना बैंक खाता शेख दिलशाद अली को उपलब्ध कराया था, जबकि दिलशाद ने कथित तौर पर यह खाता साइबर ठगी करने वाले लोगों के इस्तेमाल के लिए आगे उपलब्ध कराया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम में से 10 हजार रुपये शोएब के खाते में पहुंचे थे।
एक-दूसरे के परिचित हैं दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे और इसी परिचय के जरिए बैंक खाते के इस्तेमाल का मामला सामने आया।
शोएब की शिक्षा चौथी कक्षा तक बताई गई है, जबकि शेख दिलशाद अली 10वीं तक पढ़ा हुआ है और यात्रा एजेंट के तौर पर काम करता है।
साइबर नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जिस नंबर से कॉल की गई और जिस लिंक के जरिए पीड़ित की कार्ड जानकारी हासिल की गई, उसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस का फोकस अब साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने पर है।




