गुरुग्राम। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो मामले में नया मोड़ सामने आया है। गुरुग्राम के डीएलएफ थाने में जींद निवासी अंकित और सिरसा निवासी अरुण महेंद्रू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत जस्सी की शिकायत पर हुई, जिन्होंने आरोप लगाया है कि विवादित वीडियो को डीपफेक साबित करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने की कोशिश की गई। शिकायत में पंजाब सरकार के कुछ अधिकारियों का भी उल्लेख किया गया है। जस्सी का दावा है कि उन्हें गुरुग्राम में बैठकों के दौरान वीडियो को नकली साबित करने के लिए कहा गया, जबकि उपलब्ध सामग्री के आधार पर ऐसी रिपोर्ट देना संभव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट तैयार कराने के लिए धमकियां दी गईं और उनकी कार में 10 लाख रुपये रख दिए गए। मामला उस वीडियो से जुड़ा है जिसे अक्टूबर 2025 में एनआरआई जगमनदीप सिंह समरा ने सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में भगवंत मान जैसे दिखने वाले व्यक्ति को सिख गुरुओं की तस्वीरों पर शराब छिड़कते हुए दिखाया गया था। मुख्यमंत्री ने शुरू से ही वीडियो को फर्जी और डीपफेक बताया है, जबकि अकाल तख्त को सौंपी गई कुछ फोरेंसिक रिपोर्टों में वीडियो को असली होने का दावा किया गया था। फिलहाल पुलिस एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच कर रही है।
CM भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो मामले में नया मोड़, गुरुग्राम में FIR दर्ज




