भोपाल। बहुचर्चित मनुआभान टेकरी दुष्कर्म एवं हत्या कांड में विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने अविनाश साहू और जस्टिन राज को दोषी ठहराते हुए शेष प्राकृतिक जीवन तक सश्रम आजीवन कारावास और 8-8 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वर्ष 2019 में हुई इस सनसनीखेज वारदात में आठवीं कक्षा की नाबालिग बालिका को मनुआभान टेकरी घुमाने ले जाकर आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था और बाद में पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर शव को करीब 100 फीट गहरी खाई की गुफा में छिपा दिया था। घटना के बाद आरोपी बालिका की तलाश का नाटक करते रहे, लेकिन पूछताछ में अविनाश साहू के बयान बदलने पर पुलिस को शक हुआ और सख्ती से पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के आधार पर चालान पेश किया था। हालांकि सीबीआई ने बाद में दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए शेष जीवन तक जेल में रहने की सजा सुनाई।
मनुआभान टेकरी दुष्कर्म-हत्या कांड में दो दोषियों को उम्रकैद, शेष जीवन जेल में बिताएंगे




