नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करीब तीन दशकों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे एक बेहद शातिर और कुख्यात भगोड़े को गिरफ्तार कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। हरियाणा पुलिस के जवान की जघन्य हत्या, जानलेवा हमलों और पुलिस कस्टडी से हथकड़ी समेत भागने के दर्जनों मामलों में वॉन्टेड 53 वर्षीय राजिंदर बैरागी उर्फ ‘डॉ. झटका’ को मध्य प्रदेश के अशोक नगर से दबोच लिया गया है। आरोपी बीते 28 सालों से अपनी पहचान बदलकर खुलेआम घूम रहा था।
गाजियाबाद जेल से सोनीपत कोर्ट ले जाते वक्त हुआ था फरार
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) चंदर कुमार सिंह के मुताबिक, आरोपी राजिंदर बैरागी का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक रहा है। वर्ष 1997 में दिल्ली के जनकपुरी थाने में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास के दो गंभीर मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद 1998 में सोनीपत में एक शादी समारोह के दौरान ताबड़तोड़ गोलीबारी कर उसने हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान की निर्मम हत्या कर दी थी।
14 फरवरी 1999 को जब यूपी पुलिस उसे गाजियाबाद जेल से सोनीपत अदालत में पेशी के लिए ले जा रही थी, तब आरोपी गन्नौर रेलवे स्टेशन पर पुलिस बल को चकमा देकर हथकड़ी समेत ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। इस सनसनीखेज फरारी के बाद से ही तीन राज्यों—दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश—की पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
पहचान बदलकर बना ‘डॉक्टर’, फर्जी दस्तावेजों से रचाई शादी
फरार होने के बाद आरोपी ने खुद को कानून की पहुंच से दूर रखने के लिए अपनी पूरी पहचान ही बदल डाली। शुरुआत में उसने महाराष्ट्र के एक केंद्रीय विद्यालय में शारीरिक शिक्षा (PT) शिक्षक के तौर पर काम किया। इसके बाद वह मध्य प्रदेश के अशोक नगर स्थित मुंगावली में ठिकाना बनाकर ‘राजिंदर सिंह यादव’ के नाम से रहने लगा।
वहां उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी नई पहचान के कागजात तैयार करवाए, विवाह किया और क्षेत्र में ‘डॉ. झटका’ नाम से क्लीनिक चलाने लगा। क्लीनिक के साथ-साथ वह प्रॉपर्टी डीलिंग और ठेकेदारी के काले कारोबार में भी पैर पसार चुका था।
गुप्त सूचना पर घेराबंदी, ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया दिल्ली
क्राइम ब्रांच के हेड कॉन्स्टेबल संजीव कुमार को आरोपी के मुंगावली में छिपे होने की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश में छापेमारी कर घेराबंदी की और ‘डॉ. झटका’ बने कुख्यात अपराधी को धर दबोचा।
पुलिस ने स्थानीय अदालत से आरोपी का ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और उसे दिल्ली ले आई है। आरोपी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और यूपी में हत्या, डकैती, जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके अन्य आपराधिक संपर्कों और फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करने वालों का ब्योरा खंगाल रही है।




