खोड़ा। भारत नगर कॉलोनी में दो साल की बच्ची और उसकी मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मां-बेटी की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद, शक और कथित रूप से किसी तीसरे व्यक्ति से जुड़े रिश्ते का पहलू सामने आया है। हालांकि, मौत की असली वजह क्या है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस ने महिला के पति सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, प्रीति और सोनू के बीच कुछ समय से रिश्तों को लेकर तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि सोनू के मोबाइल फोन में मौजूद व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ था। पुलिस अब इन डिजिटल बातचीत को भी जांच का अहम हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है।
बालाजी से लौटने के बाद घर में हुआ विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से करीब तीन दिन पहले परिवार के सदस्य बालाजी दर्शन के लिए गए थे। परिवार में सोनू, प्रीति, उनकी बेटी और अन्य रिश्तेदार शामिल थे। इससे पहले सोनू का भाई मोनू, जो देहरादून का रहने वाला बताया गया है, घर आया था। पुलिस के अनुसार, उसने दवा खरीदने के लिए सोनू को पांच हजार रुपये भी दिए थे।
दर्शन के बाद परिवार वापस खोड़ा स्थित घर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, शाम के समय घर में किसी बात को लेकर सोनू, प्रीति और उनकी मां के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि आसपास रहने वाले लोगों को भी इसकी आवाजें सुनाई दीं और कुछ लोग मौके पर पहुंचे।
पति के मोबाइल में मिले चैट की भी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रीति को पति के कथित संबंधों को लेकर शक था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर तनाव रहता था। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि विवाद के दौरान सोनू ने कथित तौर पर प्रीति से मायके जाने और मर जाने जैसी बातें कही थीं।
हालांकि, पुलिस अभी इन सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। जांचकर्ताओं का कहना है कि केवल शुरुआती बयानों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
हत्या, आत्महत्या या कुछ और? हर एंगल पर जांच
मां-बेटी की मौत के मामले में पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या, दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच टीम फ्लैट के अंदर की परिस्थितियों और घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस को फ्लैट की बालकनी का गेट खुला मिला था। इसी वजह से यह आशंका भी जांच का हिस्सा है कि कहीं घटना के बाद कोई व्यक्ति बालकनी के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश तो नहीं कर गया। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि यदि हत्या हुई है तो वारदात के बाद घटनास्थल को किस तरह बदला गया होगा।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए अहम साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए खोड़ा पुलिस के साथ एसीपी इंदिरापुरम, डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल, डीसीपी हेडक्वार्टर और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने फ्लैट के अंदर बारीकी से जांच की और कई भौतिक साक्ष्य जुटाए।
फॉरेंसिक टीम ने पंखे से लेकर जमीन तक की दूरी नापी। कमरे में रखे नीले ड्रम की ऊंचाई भी मापी गई। इसके अलावा सिलिंडर बांधने में इस्तेमाल होने वाली रस्सी के लोहे के कुंडे को भी पुलिस ने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। घटनास्थल से मिले इन सामानों की जांच अब मामले की परिस्थितियों से जोड़कर की जा रही है।
सोनू के मोबाइल की जांच से खुलेगा कई सवालों का राज
पुलिस ने सोनू का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसकी डिजिटल जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), व्हाट्सएप बातचीत और सोशल मीडिया चैट की पड़ताल कर रही है।
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना से पहले सोनू की किन लोगों से बातचीत हुई थी और प्रीति के साथ उसके रिश्तों को लेकर विवाद की वास्तविक वजह क्या थी। पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना से पहले या उसके आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति से फोन पर संपर्क हुआ था या नहीं।
फिलहाल मां-बेटी की मौत का रहस्य बरकरार है। पुलिस की जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्य इस मामले में आगे की तस्वीर साफ करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।




