गुरुग्राम: क्राइम ब्रांच पुलिस टीम ने विदेश में बैठकर गिरोह चलाने वाले खूंखार गैंगस्टर के 6 शातिर गुर्गों को धर दबोचकर दिल्ली-एनसीआर में एक सनसनीखेज वारदात को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। पकड़ा गया गिरोह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
दीपक नांदल और हिमांशु भाऊ गैंग के लिए करते थे काम
पुलिस के मुताबिक, हत्थे चढ़े आरोपी विदेश में छिपे कुख्यात गैंगस्टर दीपक नांदल और हिमांशु भाऊ के इशारे पर काम कर रहे थे। ये सभी बदमाश सोशल मीडिया के जरिए अपने विदेशी आकाओं के लगातार संपर्क में थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में योगेश उर्फ कछुआ, शुभम सिक्का, संदीप हुड्डा, रोहित उर्फ शक्ति, बलविंदर उर्फ सोनू और सुरजीत (सभी निवासी रोहतक) के अलावा दिल्ली के पश्चिम विहार का रहने वाला गौरव अरोड़ा शामिल है। 30 से 35 वर्ष की आयु के इन बदमाशों पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अकेले बलविंदर पर 17 और योगेश पर 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बिल्डरों, व्यापारियों और म्यूजिक इंडस्ट्री पर थी नजर
एसीपी क्राइम-2 ललित दलाल ने बताया कि यह गिरोह गुरुग्राम, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में बिल्डरों, बड़े व्यापारियों और बॉलीवुड-हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को अपना निशाना बनाता था। रंगदारी और फिरौती मांगने के बाद बात न मानने पर यह गिरोह गोलियां चलवाकर खौफ पैदा करता था। इतना ही नहीं, दहशत फैलाने के लिए ये लोग सोशल मीडिया पर वारदात की जिम्मेदारी भी लेते थे।
पिस्तौल, कारतूस और हवाला का नेटवर्क बेनकाब
क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों के कब्जे से 4 अवैध पिस्तौल, 18 जिंदा कारतूस, 6 मोबाइल फोन और हवाला कारोबार में इस्तेमाल करेंसी नोट जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य संदीप, बलविंदर, योगेश और शुभम टारगेट की रेकी करते थे, मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते थे और रंगदारी की रकम फरार शूटरों तक पहुंचाते थे। वहीं, पकड़ा गया आरोपी गौरव अरोड़ा दिल्ली के चांदनी चौक से हवाला नेटवर्क को संभालने का काम कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बरामद हथियारों से किस बड़ी हस्ती को निशाना बनाया जाना था।




