औरंगाबाद: राज्य सरकार भले ही बिहार को पूरी तरह ‘नक्सल मुक्त’ घोषित कर चुकी हो, लेकिन औरंगाबाद के सुदूर जंगली और पहाड़ी इलाकों में हथियार मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया घटनाक्रम में बिहार पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जिसने इलाके में नक्सलियों की सुगबुगाहट को लेकर एक बार फिर पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है।
बंगला बगीचा के जंगल से मिला हथियार का जखीरा
मामला देव प्रखंड के कंचनपुर थाना क्षेत्र का है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और STF ने कंचनपुर गांव से बंगला बगीचा की ओर जाने वाले बीहड़ जंगली व पहाड़ी रास्तों पर नक्सलियों के खिलाफ बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सघन तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों के हाथ एक सरकारी पुलिस कार्बाइन, एक मैगजीन स्लाइड और स्प्रिंग लगी।
जब्त हथियारों की बारीकी से जांच की गई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। बरामद कार्बाइन के ब्रीच ब्लॉक पर Arsenal No. ICR 1098-8335 और मैगजीन लॉकिंग के ऊपर 9 MM Carbine Sub Matching 001996 दर्ज है। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि यह हथियार किसी पूर्व मुठभेड़ या हमले के दौरान पुलिस बल से लूटा गया हो सकता है।
सुरक्षा बल अलर्ट पर, छानबीन तेज
अति नक्सल प्रभावित रहे औरंगाबाद जिले में नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस का विशेष अभियान लगातार जारी है। हथियार बरामदगी के इस नए मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी है और आसपास के जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन और तेज कर दिया है।
पुलिस-प्रशासन अब मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जांच को आगे बढ़ा रहा है:
यह कार्बाइन और उसके पुर्जे जंगल के उस हिस्से तक कैसे पहुंचे?
क्या हाल के दिनों में किसी नक्सली दस्ते ने इस इलाके में शरण ली थी?
इन हथियारों का इस्तेमाल किस वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था?
जांच में जुटी पुलिस
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस सूत्रों ने बताया कि बरामद कार्बाइन व अन्य पुर्जों को जब्त कर वैधानिक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का दावा है कि जंगलों में चलाए जा रहे इस सघन अभियान से जल्द ही नक्सलियों या अपराधियों के किसी बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हो सकता है। फिलहाल पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है।




