गाजियाबाद। 12 मई को हुए पुलिस एनकाउंटर में मारे गए एक-एक लाख रुपए के इनामी समीर और जुबैर के मामले में नया मोड़ आ गया है। दोनों के परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए गाजियाबाद कोर्ट में पिटीशन दाखिल की है। इसमें क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल राजपूत समेत 16 पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। कोर्ट ने पिटीशन स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 30 मई को तय की है। सीनियर अधिवक्ता खालिस हुसैन का कहना है कि दोनों मृतकों पर पहले कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं था और पुलिस ने उन्हें साजिशन फंसाकर मार दिया। पुलिस का दावा था कि समीर और जुबैर 6 मई को क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में हुई ATM कैश वैन लूट में शामिल थे। 12 मई को वेव सिटी थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान दोनों मारे गए थे। पुलिस ने उनके पास से 9 लाख 10 हजार रुपए नकद, हथियार और लूट में इस्तेमाल कार बरामद करने का दावा किया था। अब परिजनों की याचिका के बाद यह मामला गाजियाबाद पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है।
एनकाउंटर पर उठे सवाल, परिजनों ने 16 पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग की




