गुरुग्राम। सोनम वांगचुक के अनशन का बुधवार को 26वां दिन रहा और मेदांता अस्पताल में भर्ती होने के दो दिन बाद उनसे मिलने पहुंचे आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के 15 विपक्षी सांसदों को पुलिस ने अस्पताल के बाहर ही रोक दिया, जिसके बाद सांसदों ने गेट पर धरना दिया और पुलिस से तीखी बहस हुई। इस बीच वांगचुक ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यदि सरकार छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दे तो वह तुरंत अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार को वांगचुक का खुला पत्र मिला है और उसका जवाब दिया जाएगा, साथ ही बातचीत के लिए सरकार तैयार है। वांगचुक ने अपने पत्र में पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा, मामले पर संसद में चर्चा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार और ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन मांगा है। अस्पताल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात हैं। मेदांता की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि वांगचुक आईसीयू में भर्ती हैं, उनकी हालत स्थिर है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए गुरुग्राम में कांग्रेस के कई नेताओं को एहतियातन घरों में नजरबंद भी किया गया।
अनशन पर सरकार से भरोसे का इंतजार, वांगचुक से मिलने पहुंचे सांसदों को रोका गया




