सबरीमाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में बहस तेज: महिला प्रवेश पर सरकार और कोर्ट आमने-सामने

Must read

नई दिल्ली। धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ आज दूसरे दिन सुनवाई करेगी, पहले दिन करीब पांच घंटे चली बहस में केंद्र सरकार ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक का समर्थन करते हुए कहा कि यह परंपरा का हिस्सा है और इसे ‘अस्पृश्यता’ नहीं माना जा सकता, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान जरूरी है और कोर्ट को उनकी आधुनिकता या वैज्ञानिकता तय नहीं करनी चाहिए, वहीं सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने सवाल उठाया कि यदि महिलाओं को मासिक धर्म के आधार पर रोका जाता है तो क्या यह छुआछूत नहीं है, उन्होंने कहा कि संविधान भेदभाव को स्वीकार नहीं करता, इस मामले में कोर्ट धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार के बीच संतुलन पर विचार कर रहा है, 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी आयु वर्ग की महिलाओं को सबरीमाला में प्रवेश की अनुमति दी थी जिसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर हुईं, अब 7 से 22 अप्रैल तक चलने वाली सुनवाई में सबरीमाला समेत मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश, दाऊदी बोहरा समुदाय में महिला खतना और पारसी महिलाओं के धार्मिक अधिकार जैसे अहम मुद्दों पर अंतिम फैसला किया जाएगा।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article