नई दिल्ली। देश में गैस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने रसोई गैस की सप्लाई को लेकर बड़े नियम लागू किए हैं। नए आदेश के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के घर में पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन सक्रिय है, उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर करना होगा और ऐसे उपभोक्ताओं को अब न तो नया एलपीजी कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराने सिलेंडर की रिफिलिंग की अनुमति होगी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि अब एक घर में पाइप गैस और एलपीजी दोनों कनेक्शन रखना गैरकानूनी माना जाएगा। जिन लोगों के पास दोनों सुविधाएं हैं, उन्हें अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन तुरंत नजदीकी वितरक या कंपनी के पोर्टल पर जाकर जमा करना होगा। सरकार का कहना है कि जिन घरों में पाइप गैस उपलब्ध है, वहां सिलेंडर की जरूरत नहीं है और इससे सिलेंडर उन क्षेत्रों में भेजे जा सकेंगे जहां पाइप गैस की सुविधा नहीं है। मंत्रालय के अनुसार नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और यदि उपभोक्ता कनेक्शन सरेंडर नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। गैस संकट के चलते हाल के दिनों में सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी कई बार बदलाव किए गए हैं, जिसमें बुकिंग के बीच लॉक-इन अवधि बढ़ाई गई है। इसी बीच सरकार ने जानकारी दी है कि मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद भारत के लिए राहत की खबर आई है, क्योंकि दो भारतीय गैस वाहक जहाज करीब बानवे हजार सात सौ मीट्रिक टन एलपीजी लेकर देश की ओर रवाना हो चुके हैं और इनके मुंद्रा तथा कांडला बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। सरकार ने पांच दिन बाद व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक भी हटा दी है और अब देश के कई राज्यों में इसका वितरण फिर से शुरू कर दिया गया है। वहीं ईरान की ओर से भी भरोसा दिया गया है कि युद्ध की स्थिति के बावजूद भारतीय जहाजों को होर्मुज मार्ग से गुजरने से नहीं रोका जाएगा, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
सरकार का बड़ा फैसला, पाइप गैस वालों को एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा




