नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इस अभियान में कई ऐसे पल देखने को मिले, जिन्होंने भारतीय खेल इतिहास में खास जगह बनाई। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार गोल्ड मेडल जीतने के बाद राष्ट्रगान के दौरान भावुक होकर आंसू बहाए, जबकि जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीतकर चर्चा बटोरी। ट्रैक एंड फील्ड में गुलवीर सिंह ने दो पदक जीतकर नया इतिहास रचा, वहीं बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन का मेडल प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही पक्का हो गया।
तेजस्विन शंकर ने चोटिल घुटने के बावजूद डेकाथलन में भारत का पहला कॉमनवेल्थ पदक जीतकर मिसाल पेश की। त्रिपुरा की अस्मिता डे ने जूडो में भारत को पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड दिलाया। ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने 2022 की निराशा को पीछे छोड़ते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
बॉक्सिंग में भारत की छह में से पांच महिला मुक्केबाजों ने गोल्ड मेडल जीते। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी चैंपियन बनीं। पुरुष और महिला वर्ग को मिलाकर भारत के 10 मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे, जिनमें सात ने गोल्ड और तीन ने सिल्वर जीते।
पैरा एथलेटिक्स में भारत ने तीन इवेंट में डबल पोडियम हासिल करते हुए छह पदक जीते। वहीं पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने भारत के लिए पहला पदक जीतकर अभियान की शानदार शुरुआत की। कभी सब्जियां बेचने और ई-रिक्शा चलाने वाले झंडू ने प्रशिक्षण जारी रखने के लिए अपना रिक्शा तक बेच दिया था।




