गुरुग्राम। रिटायर्ड फौजी बलराम की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बलराम अक्सर उन्हें शराब पीने से रोकते थे और पहले भी इस बात को लेकर विवाद हो चुका था। घटना वाले दिन भी जब बलराम ने उन्हें शराब पीने से टोका, तो पुरानी रंजिश और गुस्से में आरोपियों ने डंडों, लात-घूंसों से बेरहमी से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को खांडसा के एक सुनसान प्लॉट में ले जाकर कबाड़ और प्लास्टिक के कचरे के बीच छिपाया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी, ताकि सबूत नष्ट हो जाएं। वारदात के बाद आरोपी फरार होने के बजाय घर जाकर सो गए और परिवार के सामने गुमशुदगी पर दुख जताने का नाटक भी करते रहे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और मृतक की सोने की अंगूठी की बरामदगी के आधार पर विशेष, मिथुन और संदीप को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर घटनास्थल से जली हुई राख और हड्डियों के अवशेष बरामद हुए हैं, जिनकी पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी।
शराब पीने से रोकने पर रिटायर्ड फौजी की हत्या, शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश




