नोएडा। 2021 हेट क्राइम मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस की जांच पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जांच अधिकारी के रवैये पर सवाल उठाए और पूछा कि अदालत के साथ ‘लुका-छिपी’ जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि एफआईआर में अब तक धारा 153-बी क्यों नहीं जोड़ी गई, जबकि यह राष्ट्रीय एकता के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी से जुड़ी है। कोर्ट ने कहा कि 16 फरवरी के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं हुआ और दाखिल किया गया हलफनामा संतोषजनक नहीं है। मामले में मुस्लिम धर्मगुरु काजिम अहमद शेरवानी ने 2021 में नोएडा में अपने साथ हुई मारपीट, दाढ़ी खींचने और धार्मिक आधार पर अपमान का आरोप लगाया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को तलब करने की बात कही, लेकिन राज्य सरकार के अनुरोध पर दो सप्ताह का समय देते हुए निर्देशों के पालन को कहा और अगली सुनवाई 19 मई तय की गई।
नोएडा हेट क्राइम केस में SC सख्त, यूपी पुलिस की जांच पर जताई नाराजगी




