नई दिल्ली। इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल का इंग्लैंड वनडे सीरीज के बाद समाप्त हो रहा अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। लगातार खराब प्रदर्शन और कमजोर फील्डिंग को लेकर बीसीसीआई टीम और सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा करेगा। टीम द्वारा दोनों दौरों पर 10 से अधिक कैच छोड़ने के बाद फील्डिंग कोच टी. दिलीप की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि रयान टेन डोशेट लगातार यात्रा से संतुष्ट नहीं हैं और किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़ सकते हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल भी अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। यदि दोनों पद छोड़ते हैं तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के नए फास्ट बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी को श्रीलंका दौरे के लिए टीम के साथ भेजा जा सकता है, जबकि जिम्बाब्वे दौरे पर वीवीएस लक्ष्मण कोचिंग स्टाफ के साथ टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे। गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद रयान और मोर्कल को अपने सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया था और अब इंग्लैंड दौरे के बाद उनके स्टाफ में एक और बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है। गंभीर की कोचिंग में भारत ने वनडे और टी-20 में चैंपियंस ट्रॉफी 2025, एशिया कप 2025 और टी-20 विश्व कप 2026 जैसे बड़े खिताब जीते, लेकिन हाल ही में पहली बार आयरलैंड और 12 साल बाद इंग्लैंड से टी-20 सीरीज हारने के साथ टेस्ट क्रिकेट में भी निराशाजनक प्रदर्शन किया है।
टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में बड़े बदलाव के संकेत




