फरीदाबाद: डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों की जल्दबाजी अब हादसों को न्योता दे रही है। दिल्ली के मीठापुर बॉर्डर से सेक्टर-65 तक करीब 24 किलोमीटर के हिस्से में सर्विस रोड पर वाहन रॉन्ग साइड दौड़ते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर बिना किसी रोक-टोक के गलत दिशा में वाहन चलाए जा रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बीते दिनों भी गलत दिशा में वाहन चलने के कारण एक्सप्रेसवे पर कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
कट नहीं मिले तो उल्टी दिशा में निकल रहे चालक
डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे को पुराने बाईपास मार्ग को विकसित करके तैयार किया गया है। इससे पल्ला, सेक्टर-37, सेक्टर-29-30, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-12 से 17 और सेक्टर-28, 29, 31, 32, 34, 37 समेत कई इलाके जुड़े हैं। आगे सेक्टर-59 से 65 तक के क्षेत्र भी एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हैं।
एक्सप्रेसवे बनने के बाद कई जगहों पर लोगों के आने-जाने के लिए पर्याप्त कट या यू-टर्न की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में स्थानीय लोग लंबा रास्ता तय करने से बचने के लिए सर्विस रोड पर ही गलत दिशा में वाहन दौड़ा रहे हैं। सुबह और शाम के पीक ऑवर में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
इन इलाकों में ज्यादा खतरा
सेक्टर-3 के पास कट नहीं होने के कारण वाहन चालक सर्विस रोड पर रॉन्ग साइड चलते हुए तिगांव चौक तक पहुंचते हैं। सेक्टर-8 में गुरुग्राम नहर के पास भी इसी तरह की स्थिति देखी जा रही है।
सेक्टर-14 और 17 के लोगों के लिए बीपीटीपी फ्लाईओवर के नीचे कट उपलब्ध नहीं होने से कई वाहन चालक गलत दिशा का रास्ता अपना रहे हैं। पुलिस लाइन सेक्टर-30 और सेक्टर-37 के आसपास भी रॉन्ग साइड ड्राइविंग के मामले सामने आए हैं। इसके चलते कई बार पीक ऑवर में जाम की स्थिति भी बन जाती है।
ग्रिल काटकर बना लिए रास्ते
मामला सिर्फ रॉन्ग साइड ड्राइविंग तक सीमित नहीं है। एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में ग्रिल और बैरियर काटकर अवैध रास्ते बना दिए गए हैं। इन रास्तों से पैदल लोग और दोपहिया वाहन चालक अचानक सर्विस रोड पर आ जाते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच इस तरह अचानक प्रवेश करने से गंभीर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
जहां कट या यू-टर्न नहीं हैं, वहां कुछ चालक लंबा चक्कर बचाने के लिए सीधे गलत दिशा में वाहन ले जाते हैं। यही लापरवाही सड़क पर दूसरे वाहन चालकों के लिए भी खतरा बन रही है।
नवंबर 2024 में शुरू हुआ था यह हिस्सा
दिल्ली से पलवल के मंडकौला तक डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे करीब 59 किलोमीटर लंबा है। इसमें मीठापुर से सेक्टर-65 तक लगभग 24 किलोमीटर और सेक्टर-65 से कैल गांव होते हुए मंडकौला तक का हिस्सा शामिल है। मीठापुर से सेक्टर-65 वाला हिस्सा नवंबर 2024 में यातायात के लिए खोला गया था।
पुलिस ने चालान और निगरानी बढ़ाई
डीसीपी ट्रैफिक जयवीर राठी के मुताबिक, रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे पर निगरानी मजबूत करने के लिए कैमरे लगाने की जरूरत है और इसके लिए संबंधित स्तर पर पत्र भेजा गया है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि कट और यू-टर्न की कमी के बीच रॉन्ग साइड दौड़ते वाहनों पर कब पूरी तरह लगाम लगेगी और किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था कब सुधरेगी।




