नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में पुलिस और दो कथित अपराधियों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम की कार्रवाई के दौरान हुई फायरिंग में मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जसीम के पैरों में गोली लगी। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी जंगल की तरफ से होकर उस्मानपुर स्थित अपने घर पहुंचने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दोनों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
पुलिस को देखते ही फायरिंग का आरोप
पुलिस का दावा है कि जैसे ही कैफ और जसीम मौके पर पहुंचे, उन्होंने पुलिस टीम को देखकर कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की।
इस दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस टीम ने दोनों को हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
मुठभेड़ में चलीं करीब 26 गोलियां
पुलिस के अनुसार, उस्मानपुर में हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से करीब 26 राउंड फायरिंग हुई। गोलीबारी इतनी तेज थी कि मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं। हालांकि, जैकेट की वजह से दोनों जवान सुरक्षित रहे और उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई।
घटना के बाद इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
घायल कैफ और जसीम को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद पुलिस अब उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों के खिलाफ पहले से कितने मामले दर्ज हैं और क्या वे दिल्ली-एनसीआर में हुई अन्य आपराधिक वारदातों में भी शामिल रहे हैं।
पुलिस दोनों से जुड़े नेटवर्क और उनके संभावित साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा उनके पास हथियार कहां से पहुंचे और वे किस वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे, इसकी भी जांच की जा रही है।
गोगी-दीपक बॉक्सर गैंग के शूटर की गिरफ्तारी का भी मामला सामने आया
दिल्ली पुलिस इससे पहले गोगी-दीपक बॉक्सर गैंग से जुड़े एक कथित शार्प शूटर अंकित गुलिया को भी गोलीबारी के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, अंकित नौ आपराधिक मामलों में वांछित था।
गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से .32 बोर की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।
फिलहाल उस्मानपुर एनकाउंटर मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास और मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।




