यमुना बिहार के पवन शर्मा की मौत से परिवार में मातम; परिजनों का आरोप—मां के सामने बाप-बेटे ने की पिटाई, छोटे भाई ने कहा- यह हत्या है, आरोपियों को मिले फांसी की सजा
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में सीनियर सिटीजन सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक परिवार के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गया। आरोप है कि सीट को लेकर हुए झगड़े में 48 वर्षीय पवन शर्मा के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना के समय उनकी 65 वर्षीय मां दुर्गा देवी भी साथ थीं। पवन की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा और फांसी की मांग की है।
बीमार भाई से मिलकर लौट रहे थे पवन
यमुना बिहार निवासी पवन शर्मा 8 अक्टूबर को अपनी मां दुर्गा देवी के साथ गुरुग्राम गए थे। वहां उनके छोटे भाई दीपक शर्मा की तबीयत खराब थी। परिवार के मुताबिक, भाई से मिलने के बाद दोनों दिल्ली लौट रहे थे। इसी दौरान मेट्रो में सीनियर सिटीजन सीट पर बैठने को लेकर विवाद हो गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि इस विवाद में संजय प्रताप सिंह (65) और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह (36) ने पवन के साथ मारपीट की। मां के सामने हुई इस घटना के बाद पवन की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। घटना के सही क्रम और मौत के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी संबंधित जांच से स्पष्ट होगी।
अस्पताल पहुंचे तो मिली भाई की मौत की खबर
पवन के छोटे भाई दीपक शर्मा ने बताया कि उनकी तबीयत खराब थी और इसी वजह से मां और बड़े भाई उनसे मिलने गुरुग्राम आए थे। उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को शाम करीब चार बजे पवन और उनकी मां मेट्रो से यमुना बिहार लौट रहे थे।
दीपक के मुताबिक, शाम करीब पांच बजे उन्हें भाई की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। इसके बाद जब वह शाम सात बजे अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि मेट्रो में हुई मारपीट के बाद पवन की मौत हो गई है।
दीपक ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनके भाई के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर अपराध है। परिवार इस घटना को हत्या मान रहा है और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है।
परिवार की पूरी जिम्मेदारी पवन पर थी
48 वर्षीय पवन शर्मा प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते थे। परिवार में उनकी मां, पत्नी अंजली शर्मा, 19 वर्षीय बेटा दिव्यांश और 14 वर्षीय बेटी अंशिका हैं। बेटा




