फरीदाबाद के सेक्टर-62 में हुए बहुचर्चित सीनियर एचआर मैनेजर लक्ष्मण हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार देर रात करीब 2 बजे क्राइम ब्रांच और बदमाशों के बीच हुई खूनी मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। इस हाफ एनकाउंटर में एक शातिर आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गौरतलब है कि बीती 4 अक्टूबर को महज 100 रुपये के केलों के दाम को लेकर हुए खौफनाक विवाद में बदमाशों ने सीनियर एचआर मैनेजर की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी थी।
देर रात गोदाम में बिछाया जाल, गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा इलाका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि लक्ष्मण हत्याकांड में वांछित आरोपी सेक्टर-62 स्थित सीवर पाइप के एक गोदाम में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रात करीब 2 बजे पूरे गोदाम की घेराबंदी कर दी। खुद को घिरता देख आरोपियों ने भागने की नीयत से पुलिस टीम पर सीधा निशाना साधते हुए दो फायर झोंक दिए।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी तरुण उर्फ नवीन (निवासी ऊँचा गांव) के पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तुरंत काबू कर लिया, जबकि उसके दूसरे साथी जतिन को भी मौके से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध देसी पिस्टल बरामद हुई है।
100 रुपये का मामूली विवाद और बिछ गईं लाश
रोंगटे खड़े कर देने वाली यह वारदात 4 अक्टूबर की रात को घटी थी। शाहपुर निवासी लक्ष्मण (45), जो एक प्रतिष्ठित ईवी (EV) कंपनी में सीनियर एचआर मैनेजर थे, अपने भतीजे महेश के साथ केले खरीदने निकले थे। डील चौक पर रिंकू नामक दुकानदार से एक दर्जन केले खरीदने के दौरान 100 रुपये की कीमत को लेकर कहासुनी हो गई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि फल विक्रेता ने अपने दबंग साथियों को मौके पर बुला लिया। आरोपियों ने लक्ष्मण और उनके भतीजे पर तेजधार हथियारों व चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खूनी हमले में लक्ष्मण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका भतीजा महेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
अब तक 5 आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, बाकी की तलाश में दबिश जारी
इस सनसनीखेज हत्याकांड में कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच 5 अक्टूबर को ही तीन आरोपियों—प्रशांत, नमन और आकाश—को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। देर रात हुए एनकाउंटर के बाद पकड़े गए तरुण और जतिन की गिरफ्तारी से अब तक कुल 5 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।




