फरीदाबाद। जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बंदी पर अपने ही साथी हवालाती के साथ कथित तौर पर कुकर्म करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले दूसरे बंदी को डराया-धमकाया और फिर उसे बैरक के बाथरूम में ले गया। वहां उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया। पीड़ित किसी तरह आरोपी के कब्जे से निकलकर बाहर आया और जेल अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जेल अधीक्षक की लिखित शिकायत पर सदर बल्लभगढ़ थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक ही बैरक में बंद थे दोनों
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी और पीड़ित दोनों फरीदाबाद जिला जेल की एक ही बैरक में बंद हैं। आरोपी वर्ष 2024 से अलग-अलग आपराधिक मामलों में जेल में निरुद्ध है।
आरोप है कि घटना वाले दिन आरोपी ने बैरक में मौजूद दूसरे हवालाती को धमकाकर बाथरूम में चलने के लिए मजबूर किया। बाथरूम के भीतर उसने कथित तौर पर पीड़ित की इच्छा के विरुद्ध उसके साथ कुकर्म करने की कोशिश की।
किसी तरह आरोपी के चंगुल से निकला पीड़ित
पीड़ित ने विरोध किया और किसी तरह खुद को आरोपी से छुड़ाने में कामयाब रहा। इसके बाद वह बाथरूम से बाहर आया और सीधे जेल कर्मचारियों को घटना की जानकारी दी।
जेल अधिकारियों तक मामला पहुंचते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। प्रारंभिक स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद जेल अधीक्षक की ओर से सदर बल्लभगढ़ थाना पुलिस को लिखित शिकायत भेजी गई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, मेडिकल जांच कराई
पुलिस ने जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच के तहत पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस जेल के भीतर की परिस्थितियों, घटना के दौरान मौजूद लोगों और अन्य संबंधित तथ्यों की भी जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
मामले की जांच के दौरान आरोपी बंदी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस के सामने आया है। जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 53 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ वर्ष 1996 से 2018 के बीच कई मामले दर्ज हुए। इन मामलों में चोरी, अवैध हथियार, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, राहजनी, डकैती की साजिश, घर में अवैध प्रवेश, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर आरोपों से संबंधित मुकदमे शामिल हैं।
कुछ मामलों में बरी, कई में भुगत चुका है सजा
जेल रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी को उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों में एक जैसा न्यायिक परिणाम नहीं मिला है। कुछ मामलों में वह अदालत से बरी हो चुका है, जबकि कुछ मामलों में सजा भी भुगत चुका है।
वर्ष 2018 में दर्ज एक हत्या के मामले में आरोपी पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई हुई थी। इसी मामले से संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के चलते उसके जेल में बंद होने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस का फोकस जेल के भीतर हुई ताजा घटना की जांच पर है। आरोपी और पीड़ित से संबंधित तथ्यों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।




