फरीदाबाद: सेक्टर-31 थाना क्षेत्र में मंदिर के पास पुजारी की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मंदिर के आसपास बैठकर नशा करने से रोकना पुजारी को भारी पड़ गया। आरोप है कि इसी बात से नाराज युवकों ने उनके साथ मारपीट की और पास में रखा सिलबट्टा उठाकर सिर पर वार कर दिया।
हमले में पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए शहर से भागने के बजाय सामान्य तरीके से ऑटो चलाना जारी रखा। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को दबोच लिया। मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मंदिर में अकेले रहते थे पुजारी
क्राइम एसीपी अमन यादव के मुताबिक, मृतक की पहचान 55 वर्षीय ओमप्रकाश यादव के रूप में हुई है। वह करीब एक साल से सेक्टर-31 थाना क्षेत्र स्थित मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करते थे।
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त की रात करीब 10 बजे चार युवक मंदिर के पास बैठे हुए थे। आरोप है कि सभी नशा कर रहे थे। पुजारी ने उन्हें मंदिर के आसपास नशा करने से मना किया और वहां से जाने के लिए कहा।
रोकने पर बिगड़ी बात, सिर पर किया हमला
पुलिस जांच के मुताबिक, पुजारी के विरोध करने पर युवकों के साथ उनका विवाद हो गया। देखते ही देखते बात मारपीट तक पहुंच गई। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर मंदिर के पास रखा सिलबट्टा उठा लिया और ओमप्रकाश यादव के सिर पर जोरदार वार कर दिया।
सिर में गंभीर चोट लगने के कारण पुजारी की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपियों ने मंदिर से कुछ सामान भी उठा लिया था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि हत्या को लूट की घटना दिखाने के लिए सामान ले जाया गया।
हत्या के बाद भी शहर में घूमते रहे आरोपी
हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने एक अहम तथ्य आया। वारदात के बाद आरोपी शहर से फरार होने के बजाय सामान्य रूप से अपना काम करते रहे। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी ऑटो चलाते रहे और उन्हें इस तरह पकड़े जाने की उम्मीद नहीं थी।
जांच के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय आशिफ उर्फ टीटी, निवासी मथुरा, उत्तर प्रदेश और 34 वर्षीय आशिफ उर्फ कालिया, निवासी जुरहेड़ा, राजस्थान के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों नशे के आदी हैं और घटना के वक्त भी नशे में होने की बात सामने आई है।
दो अन्य आरोपियों की तलाश तेज
शुरुआत में मामले की जांच सेक्टर-31 थाना पुलिस कर रही थी। बाद में हत्याकांड की जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ को सौंप दी गई। टीम ने तकनीकी जांच और अन्य सुरागों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस अब उन दो अन्य युवकों की तलाश कर रही है, जो कथित तौर पर वारदात के समय आरोपियों के साथ मौजूद थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
एक आरोपी पर पहले से तीन मामले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आशिफ उर्फ टीटी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज बताए गए हैं। इनमें आर्म्स एक्ट का एक मामला और चोरी के दो मामले शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या में सभी आरोपियों की क्या भूमिका थी और वारदात के बाद मंदिर से सामान ले जाने के पीछे वास्तविक मंशा क्या थी।




