सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी ट्रांस हिंडन में सुरक्षा का ‘ग्राउंड रियलिटी चेक’, स्टेशनों से मॉल तक नहीं दिखी विशेष पुलिसिंग

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गाजियाबाद/साहिबाबाद। दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद ट्रांस हिंडन क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था में कोई खास बदलाव नजर नहीं आया। रेलवे स्टेशन, नमो भारत स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बस अड्डों और मॉल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सामान्य पुलिस व्यवस्था तो दिखाई दी, लेकिन महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए अलग से विशेष निगरानी या अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती नजर नहीं आई।

ट्रांस हिंडन क्षेत्र में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। खासकर मेट्रो और नमो भारत स्टेशनों के अलावा मॉल और बस अड्डों पर महिलाओं और बच्चों की भी काफी आवाजाही रहती है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद इन स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पुलिस की सक्रियता पर नजर रखी गई।

आठ मेट्रो स्टेशनों से लेकर नमो भारत स्टेशन तक पड़ताल

साहिबाबाद नमो भारत स्टेशन, वैशाली और कौशांबी समेत राजेंद्र नगर, मोहन नगर तथा ट्रांस हिंडन के अन्य प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। इसके अलावा इंदिरापुरम और साहिबाबाद क्षेत्र के प्रमुख मॉल, बस अड्डों और नेशनल हाईवे के आसपास भी पुलिस की मौजूदगी और गश्त का जायजा लिया गया।

जांच के दौरान ज्यादातर स्थानों पर सामान्य पुलिस व्यवस्था ही दिखाई दी। किसी संवेदनशील स्थान पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग से पुलिस टीम या विशेष निगरानी व्यवस्था नजर नहीं आई। कई जगहों पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी नियमित ड्यूटी तक ही सीमित दिखाई दी।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ सामने आए हालिया अपराधों का स्वत: संज्ञान लिया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर कई अहम निर्देश दिए।

कोर्ट ने संवेदनशील इलाकों की पहचान कर उनका सर्वे कराने, जिला स्तर पर संवेदनशीलता मानचित्र तैयार करने, पुलिस गश्त बढ़ाने तथा सार्वजनिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था का ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।

इन निर्देशों का मकसद उन स्थानों की पहचान करना है जहां महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है। खास तौर पर भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों और ऐसे इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

पुलिस का दावा- बढ़ाई गई है गश्त

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए ट्रांस हिंडन क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर गश्त बढ़ाई गई है। डीसीपी ऋजुल के मुताबिक, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है।

पुलिस के अनुसार शाम से देर रात तक प्रमुख स्थानों के बाहर पीवीआर (पुलिस वाहन) तैनात रहती हैं और लगातार गश्त की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है।

हालांकि, मंगलवार को मौके पर की गई पड़ताल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप किसी बड़े स्तर की विशेष पुलिसिंग दिखाई नहीं दी। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में संवेदनशील स्थानों की मैपिंग, सीसीटीवी और लाइटिंग ऑडिट के साथ पुलिस गश्त को किस तरह और प्रभावी बनाया जाता है।

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