15 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था हिस्ट्रीशीटर अकिल, मंदिर मार्केट से दबोचा गया; 14 मुकदमे दर्ज

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गाजियाबाद। करीब डेढ़ दशक से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे एक हिस्ट्रीशीटर को आखिरकार कोतवाली नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अकिल के खिलाफ वर्षों पहले जारी स्थायी वारंट के बावजूद वह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चेकिंग अभियान के दौरान उसे धर दबोचा।

पुलिस इस गिरफ्तारी को लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रही है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी

कोतवाली नगर पुलिस टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि लंबे समय से फरार हिस्ट्रीशीटर अकिल क्षेत्र में मौजूद है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और घेराबंदी करते हुए आरोपी को दूधेश्वरनाथ मंदिर मार्केट में गोल्डन स्टील की दुकान के सामने से पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान करीब 40 वर्षीय अकिल पुत्र शाकिर उर्फ बिल्ले के रूप में हुई है। वह दारिकापुरी इलाके का रहने वाला बताया गया है।

2003 के मामले में जारी था स्थायी वारंट

पुलिस के मुताबिक, अकिल के खिलाफ वर्ष 2003 में चोरी और चोरी का सामान रखने से जुड़े मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 380/411 के तहत स्थायी वारंट जारी किया गया था।

इसके बाद आरोपी पुलिस की नजरों से बचता रहा। बताया जा रहा है कि वह करीब 15 वर्षों से फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने काफी समय पहले अपना पुराना मकान बेच दिया था। इसके बाद वह अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलकर रह रहा था, जिससे पुलिस के लिए उसकी तलाश करना मुश्किल हो रहा था।

14 मुकदमे, चोरी से लेकर आर्म्स एक्ट तक केस

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अकिल का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। उसके खिलाफ कोतवाली नगर थाने में कुल 14 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

इन मामलों में चोरी, अवैध हथियार रखने, आबकारी कानून के उल्लंघन, एनडीपीएस एक्ट, गुंडा अधिनियम और अन्य आपराधिक धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं।

उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों का सिलसिला वर्ष 2003 से 2010 के बीच का बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 4/25, आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत कई अन्य मामलों का उल्लेख है।

ठिकाने बदलकर बचता रहा आरोपी

लंबे समय से फरार रहने के दौरान आरोपी कथित तौर पर लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। पुलिस का मानना है कि इसी वजह से वह वर्षों तक गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा।

अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। साथ ही उसके पुराने मामलों और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

करीब 15 साल से फरार हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी ने कोतवाली नगर पुलिस को एक बड़ी सफलता दिलाई है।

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