जबलपुर। घर बैठे ऑनलाइन कमाई का लालच एक युवक को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने टेलीग्राम के जरिए होटल रेटिंग और निवेश में मोटे मुनाफे का झांसा देकर अमखेरा निवासी युवक से 37 लाख 42 हजार रुपये से अधिक की रकम ठग ली। शातिर जालसाजों ने पहले छोटी रकम मुनाफे के तौर पर वापस भेजकर युवक का भरोसा जीता और इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों व डिजिटल माध्यमों से बड़ी रकम जमा कराते रहे।
ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने अधारताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टेलीग्राम पर आया मैसेज, घर बैठे कमाई का दिया ऑफर
अधारताल पुलिस के मुताबिक, अमखेरा निवासी विक्रांत साहू ने शिकायत में बताया कि वह व्हाट्सएप और टेलीग्राम का इस्तेमाल करता है। 8 जनवरी को उसके टेलीग्राम अकाउंट पर ‘अदिति रियांश’ नाम की आईडी से मैसेज आया। इसमें घर बैठे कमाई का ऑफर दिया गया।
जालसाजों ने बताया कि सीक्रेट एप्स के जरिए होटलों की रेटिंग करनी होगी और हर रेटिंग पर मुनाफा मिलेगा। रकम सीधे बैंक खाते में आने का भरोसा दिलाया गया। आरोपियों के बताए लिंक के जरिए विक्रांत ने अपना बैंक खाता जोड़ा और उनके बताए तरीके से काम शुरू कर दिया।
पहले 1,024 रुपये भेजकर जीता भरोसा
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, शुरुआत में साइबर ठगों ने विक्रांत को 1,024 रुपये का मुनाफा भेजा। इसके बाद 9 जनवरी को डिपॉजिट के नाम पर करीब 10 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बदले उसे 17,546 रुपये वापस मिले।
अगले दिन 10 जनवरी को फैमिली ट्रिप के नाम पर विक्रांत से 20,960 रुपये जमा कराए गए और उसके खाते में 42,573 रुपये वापस भेजे गए। लगातार मुनाफा मिलने से विक्रांत को आरोपियों पर भरोसा हो गया। इसके बाद ठगों ने धीरे-धीरे रकम बढ़ानी शुरू कर दी।
ऑफर और मुनाफे के नाम पर बढ़ती गई रकम
शिकायत के मुताबिक, 11 जनवरी को मुनाफा बढ़ाने का झांसा देकर विक्रांत से अलग-अलग माध्यमों से करीब 50 हजार और 1.50 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद विशेष ऑफर के नाम पर पत्नी के बैंक खाते से 99 हजार रुपये और साथी शुभम विश्वकर्मा के फोन-पे से 84,787 रुपये भी ट्रांसफर कराए गए।
13 जनवरी को आरोपियों के बताए बैंक खाते में 3 लाख 16 हजार 310 रुपये नकद जमा किए गए। इसके बाद 14 जनवरी को एक बैंक खाते से 7 लाख रुपये और 15 जनवरी को आरटीजीएस के जरिए 10 लाख रुपये भेजे गए। 21 जनवरी को फिर 6 लाख 40 हजार रुपये नकद जमा कराए गए।
इसके बाद भी ठग अलग-अलग बहानों से पीड़ित से लगातार हजारों और लाखों रुपये जमा कराते रहे।
37.61 लाख लिए, सिर्फ 61 हजार लौटाए
पीड़ित के मुताबिक, जालसाजों ने उससे कुल 37 लाख 61 हजार 566 रुपये जमा कराए। इसके बदले मुनाफे के नाम पर महज 61 हजार 143 रुपये वापस किए गए। इस हिसाब से पीड़ित को करीब 37 लाख 42 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
जब आरोपियों ने रकम वापस करने के बजाय और पैसे जमा करने का दबाव बनाया, तब विक्रांत को शक हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।
डिजिटल सुराग खंगाल रही साइबर टीम
अधारताल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साइबर टीम टेलीग्राम आईडी, बैंक खातों, फोन-पे ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची, इन खातों को किसने संचालित किया और इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।




