शाहरुख पठान को पिस्टल सप्लाई करने वाला वसीम गिरफ्तार, कनाडा बैठे गैंगस्टर से जुड़े तार; माजिद भी दबोचा गया

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नई दिल्ली। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान पुलिसकर्मी पर पिस्टल तानने वाले शाहरुख पठान को हथियार मुहैया कराने के आरोपी हथियार तस्कर वसीम उर्फ हाजी वसीम (40) को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। मेरठ निवासी वसीम के कब्जे से एक पिस्टल और कार बरामद की गई है। पुलिस ने उसके साथी माजिद उर्फ अरमान (25) को भी गिरफ्तार किया है।

स्पेशल सीपी क्राइम एचजीएस धालीवाल के मुताबिक, शुरुआती जांच में आरोपियों के तार कनाडा में बैठे गैंगस्टर दविंदर पाल सिंह उर्फ गोपी लाहोरिया से जुड़ने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि गोपी लाहोरिया के निर्देश पर वसीम और माजिद ने बंबीहा-कपिल सांगवान उर्फ नंदू सिंडिकेट से जुड़े शूटरों को हथियार उपलब्ध कराए थे।

उमेद सिंह की हत्या की साजिश से खुला हथियार नेटवर्क

द्वारका के छावला इलाके के दीनपुर गांव निवासी उमेद सिंह की हत्या के इरादे से 16 अगस्त को दो शूटर उसके घर में घुसे थे। आरोपियों ने फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। क्राइम ब्रांच ने 19 अगस्त को पंजाब के शूटर हरमनजीत सिंह और हरदीप सिंह उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में सामने आया कि कथित तौर पर कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोपी लाहोरिया ने उमेद सिंह की हत्या की सुपारी दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि नंदू के जीजा सुनील उर्फ डॉक्टर की 2015 में हत्या हुई थी। इस मामले में उमेद का भाई सूरजभान उर्फ बल्लू पहलवान चश्मदीद गवाह था। पुलिस के मुताबिक, अदालत में उसके गवाही से मुकरने की आशंका के चलते जनवरी 2024 में बल्लू की हत्या कराई गई थी। इसके बाद उमेद को भी निशाना बनाने की साजिश रची गई।

छेनू गैंग के हथियार सप्लायर तक पहुंची क्राइम ब्रांच

क्राइम ब्रांच में मामले के ट्रांसफर के बाद डीसीपी संजीव यादव और एसीपी संजय नागपाल की निगरानी में इंस्पेक्टर मान सिंह और सुंदर गौतम की टीम ने जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि यमुनापार के छेनू पहलवान गिरोह से जुड़े हथियार सप्लायर वसीम और माजिद ने शूटरों को पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराए थे।

पुलिस के मुताबिक, इन हथियारों की सप्लाई विदेश में बैठे गिरोह के निर्देश पर की जा रही थी। रविवार रात गिरफ्तारी के दौरान वसीम ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल रवीश कुमार और सिपाही दीपक ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे काबू कर लिया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, माजिद के खिलाफ करीब 50 और वसीम के खिलाफ 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

2020 के दंगों में शाहरुख पठान को भी दी थी पिस्टल

जांच में वसीम का नाम वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान सामने आए चर्चित शाहरुख पठान मामले से भी जुड़ रहा है। पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2020 को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन और मौजपुर चौक के बीच 66 फुटा रोड पर हुई हिंसा के दौरान शाहरुख पठान ने कॉन्स्टेबल दीपक दहिया पर पिस्टल तानी थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह पिस्टल वसीम ने ही उपलब्ध कराई थी।

इसके अलावा 27 जनवरी 2026 को सीलमपुर में तारिक हसन की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी आबिर उर्फ साबिर उर्फ पोपा ने भी कथित तौर पर वसीम से पिस्टल खरीदने की बात कही थी।

विदेश बैठे गैंगस्टरों से कनेक्शन की जांच

अब क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि यमुनापार के हथियार सप्लायर वसीम के तार कनाडा में बैठे बंबीहा-नंदू सिंडिकेट के गैंगस्टरों से कैसे जुड़े। पुलिस पिछले कुछ समय में वसीम और उसके साथियों द्वारा किन-किन शूटरों और गिरोहों को हथियार उपलब्ध कराए गए, इसकी भी पड़ताल कर रही है।

जांच एजेंसियां हथियारों की खरीद, विदेशी ऑर्डर, सप्लाई चैन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।

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