नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की तीन-भाषा नीति पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि कोई भी भाषा सीखना व्यर्थ नहीं जाता। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अंग्रेजी को भारत की मूल भाषा माना जा सकता है और नीति को लागू करने में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर केंद्र सरकार और सीबीएसई से 10 दिन के भीतर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि 2026-27 सत्र से लागू की गई नई व्यवस्था बिना पर्याप्त तैयारी के लागू की गई है, जबकि कई स्कूलों में आवश्यक शिक्षक, किताबें और शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। नई नीति के तहत छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़ना अनिवार्य किया गया है। सुप्रीम कोर्ट अब सरकार, सीबीएसई और एनसीईआरटी का पक्ष सुनने के बाद इस मामले में आगे का फैसला करेगा।
तीन-भाषा नीति पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और CBSE से मांगा जवाब




