भोपाल। नगर निगम में 14 लाख 69 हजार 798 रुपए के प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर घोटाले का मामला सामने आया है, जिसे अधिकारियों ने करीब चार महीने तक सार्वजनिक नहीं होने दिया। नेशनल लोक अदालत के दौरान 106 फर्जी रसीदें जारी कर टैक्स जमा दिखाया गया, जबकि बैंक रिकॉर्ड के मिलान में गड़बड़ी उजागर हुई। जांच में वार्ड-24 के कंप्यूटर ऑपरेटर शिराज उलहक और योजना शाखा में पदस्थ मोहम्मद समीर खान की भूमिका सामने आई। आरोप है कि दोनों ने संपत्ति मालिकों को आधी राशि में टैक्स जमा कराने का झांसा देकर वार्ड-33 के प्रभारी की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करते हुए फर्जी रसीदें जारी कीं और वसूली गई रकम हड़प ली। अधिकारियों को मार्च में ही मामले की जानकारी मिल गई थी, लेकिन 5 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई। दोनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, हालांकि उनकी सेवाएं अब तक समाप्त नहीं की गई हैं। इस घटना ने नगर निगम के ऑनलाइन टैक्स सिस्टम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि दूसरे वार्ड की यूजर आईडी से फर्जी रसीदें जारी कर दी गईं। वहीं जिन लोगों ने टैक्स जमा कर रसीदें प्राप्त की थीं, उनके खातों में दोबारा बकाया दर्ज हो गया, जबकि गबन की राशि की वसूली की कार्रवाई अभी तक शुरू नहीं हुई है।
नगर निगम में 14.69 लाख के टैक्स घोटाले का खुलासा, चार महीने तक दबा रहा मामला




