भिंड। जिले में गांजा तस्करी का एक संगठित ‘कंपनी मॉडल’ सामने आया है, जिसमें गिरोह ने फाइनेंसर, मैनेजर, स्टोरकीपर और सप्लाई चेन तक की जिम्मेदारियां तय कर रखी थीं, ताकि किसी भी हाल में धंधा बंद न हो; बरोही और देहात थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस नेटवर्क की B-टीम के दो सदस्य अभिषेक तिवारी और अंशुल बौहरे को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 138 किलो गांजा (लगभग 28 लाख रुपए कीमत) बरामद किया गया है; पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दिसंबर में A-टीम के गिरफ्तार होने के बाद फरार आरोपी मजनू उर्फ शिवम शर्मा ने B-टीम को सक्रिय कर तस्करी दोबारा शुरू कर दी थी, जिसमें फाइनेंसर अनूप शर्मा को 50% हिस्सेदारी और जमानत तक की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि अन्य सदस्य वाहन, गोदाम और सप्लाई संभालते थे; गिरोह उड़ीसा से 2 से 5 क्विंटल तक गांजा लाकर कोड वर्ड (‘माल’, ‘जड़ी-बूटी’) और फॉलो कार रणनीति से पुलिस से बचते हुए तस्करी करता था, जिसे 5 हजार प्रति किलो खरीदकर 20–25 हजार तक बेचा जाता था; B-टीम ने कुम्हरौआ में किराए का गोदाम बनाकर नेटवर्क चलाया, जहां से माल सप्लाई होता था; पुलिस के अनुसार गिरोह के कई अन्य सदस्य अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है, वहीं पूछताछ में पूरे नेटवर्क की अहम कड़ियां सामने आई हैं।
भिंड में ‘कंपनी मॉडल’ पर चल रही गांजा तस्करी का भंडाफोड़, B-टीम के दो आरोपी 138 किलो माल के साथ गिरफ्तार




