इंदौर। टाटा मोटर्स फाइनेंस के नाम पर फर्जी NOC बनाकर ठगी करने के मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए रबर स्टैम्प बनाने वाले दुकान संचालक को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है, जबकि मुख्य आरोपी रवि कुमार झा, संदीप और राजेंद्र के खिलाफ ट्रायल जारी रखने के आदेश दिए हैं। मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र का है, जहां फरियादी को कम रकम में लोन सेटलमेंट का झांसा देकर 80 हजार रुपए ठगे गए थे और आरोपियों ने फर्जी लेटरपैड, NOC व दस्तावेज तैयार कर उसे गुमराह किया था। बाद में फाइनेंस कंपनी ने दस्तावेज फर्जी बताए तो पूरा मामला सामने आया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी सील बनवाकर यह ठगी की, लेकिन कोर्ट ने माना कि सील बनाने वाले संचालक के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है, इसलिए उसे दोषमुक्त किया गया, जबकि मुख्य आरोपियों पर केस की सुनवाई जारी रहेगी।
फर्जी NOC ठगी केस में बड़ा फैसला, सील बनाने वाला बरी; मुख्य आरोपियों पर ट्रायल जारी




