छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र के छातीआम गांव में बाघ की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहां जिस खेत में बाघ को यूरिया देकर मारा गया था, वहीं करीब एक एकड़ में 700 से ज्यादा अवैध अफीम के पौधे भी पाए गए हैं, जिनमें डोडा निकल चुका है और कई पौधों पर चीरा लगाकर अफीम निकालने की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिले हैं, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है; वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर अफीम की खेती देखकर हैरानी जताई और इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन समय पर पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने से सबूत मिटाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है; मामले में यह भी सामने आया है कि बाघ के रेडियो कॉलर से 3 मार्च के बाद कोई मूवमेंट नहीं मिला था, लेकिन वन विभाग की टीम 23 दिन बाद मौके पर पहुंची, जिससे मॉनिटरिंग में लापरवाही उजागर हुई; जांच में पता चला कि करीब 4 साल का यह बाघ डेढ़ साल पहले बांधवगढ़ से लाकर छोड़ा गया था और वह आरोपी उदेसिंग के खेत में पहले भी मवेशियों का शिकार कर चुका था, जिसके बाद आरोपियों ने उसे जहर देकर मारकर गड्ढे में दफना दिया; डॉग स्क्वॉड की मदद से आरोपी तक पहुंची टीम के सामने उदेसिंग समेत पांच लोगों ने शिकार कबूल किया, जिनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है; अब इस पूरे मामले में अवैध अफीम खेती, बाघ शिकार और विभागीय लापरवाही को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
बाघ हत्या कांड में बड़ा खुलासा: खेत में मिली अवैध अफीम की खेती




