इंदौर। शहर में प्रॉपर्टी गाइडलाइन 2026-27 को लेकर 400 से ज्यादा आपत्तियां और सुझाव सामने आए हैं, वहीं बिल्डर्स संगठन CREDAI ने गाइडलाइन तय करने की प्रक्रिया पर ही सवाल उठाते हुए जिला मूल्यांकन समिति को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि प्रस्तावित बाजार दरें बिना पर्याप्त अध्ययन और दस्तावेजों के तैयार की गई हैं और 2018 के नियमों का भी पालन नहीं किया गया। CREDAI का आरोप है कि कई क्षेत्रों में 10% से लेकर 133% तक दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि वहां अभी तक कोई विकास या निर्माण नहीं हुआ है, साथ ही मध्यप्रदेश में पहले से ही 12.5% की उच्च स्टाम्प ड्यूटी होने के कारण यह बढ़ोतरी आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूलता पटेल के अनुसार गाइडलाइन पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का शनिवार आखिरी दिन था, जिन्हें अब संकलित कर निराकरण किया जाएगा और जिला समिति की मंजूरी के बाद केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्षों में भी गाइडलाइन में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जहां 2023-24 में औसत 4.42%, 2024-25 में 17.7% और 2025-26 में करीब 25.95% वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अब 2026-27 के लिए 4840 में से 2606 लोकेशनों पर बड़ी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। CREDAI ने यह भी सवाल उठाया है कि सीमित संख्या में ऊंची कीमत पर हुई रजिस्ट्री के आधार पर पूरी कॉलोनी की दरें बढ़ाना उचित नहीं है, साथ ही भूमि उपयोग, क्षेत्र के विकास स्तर और ग्रीन या लो-डेंसिटी एरिया जैसे कारकों को नजरअंदाज किया गया है, जिससे गाइडलाइन की वैधता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इंदौर में प्रॉपर्टी गाइडलाइन पर 400 से ज्यादा आपत्तियां, CREDAI ने उठाए सवाल




