नोएडा। फेज वन क्षेत्र के सेक्टर चार स्थित कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड नाम से संचालित बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में बृहस्पतिवार सुबह लगी आग शुक्रवार रात बुझ गई। उधर, हरौला में रहने वाला एक व्यक्ति का दावा है कि उसका बेटा उपेंद्र बुधवार रात को फैक्ट्री में शिफ्ट करने आया था, लेकिन बेटा मिल नहीं रहा है। वह जिला अस्पताल से लेकर कई प्राइवेट अस्पतालों में पता कर चुके हैं। अग्निशमन और स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार देर रात तक अंदर से कोई भी कर्मी मिलने से इनकार किया है। हालांकि उपेंद्र की बृहस्पतिवार सुबह की अंतिम लोकेशन सेक्टर छह आयी है। नोएडा सेक्टर पांच के हरौला गांव में रहने वाले सरवन कुमार का इकलौता बेटा उपेंद्र शादीशुदा था। पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। उपेंद्र एक साल से बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता है। सरवन ने बताया कि उनके बेटे ने बुधवार को सुबह भी शिफ्ट की थी।रात को खाना खाकर नौ बजे घर से फैक्ट्री जाने की बात कहकर निकला था। सुबह फैक्ट्री में आग लगने का पता चला तो सरवन को फोन लगाया। उसका फोन बंद आने पर खोजबीन शुरू की, लेकिन उपेंद्र का कोई पता नहीं चला। सरवन का कहना है कि वह जिला अस्पताल और सफदरजंग से लेकर 20 से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल में जाकर जानकारी कर चुके हैं, लेकिन बेटे नहीं मिल सका है। उन्होंने शुक्रवार को थाना पुलिस से शिकायत की। फैक्ट्री जाकर काम कर रही टीम से बात की। बेटे के बारे में पूछने पर टीम ने किसी भी कर्मी के अंदर मिलने से मना किया। उन्होंने पुलिस से बेटे को सकुशल बरामद करने की मांग की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि शुरुआती छह घंटे भूतल से लेकर चौथे मंजिल तक की आग को बुझा दिया गया था, लेकिन बेसमेंट एक और दो में केमिकल व प्लास्टिक दाना होने के चलते आग लगी रही। दोनों बेसमेंट में पानी पहुंचाने के लिए जेसीबी से छह गड्ढ़े किए गए। पानी पहुंचाकर आग को बुझाया गया। दूसरा बेसमेंट बंद होने से आग बुझाने में दिक्कत आयी। 96 स्टाफ ने कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार रात आग को पूरी तरह से बुझा दिया। शुक्रवार को 32 गाड़ियों का उपयोग हुआ। 400-400 मीटर के दो भूखंड पर बनी फैक्ट्री में दो तल का बेसमेंट भी है। स्थानीय लोगों ने रिहायशी इलाके में बेसमेंट में भी फैक्ट्री चलने और भवन का नक्शा पास करने को लेकर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं।
नोएडा फैक्ट्री में लगी आग पर 40 घंटे के बाद काबू पाया गया, एक कर्मचारी लापता




