मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर जिले में साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के सेवानिवृत्त कर्मचारी मानेन्द्र सिंह (69) से ₹22 लाख की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को दिल्ली टेलीकॉम विभाग, दिल्ली पुलिस और CBI के अधिकारी बताकर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी। आरोपियों ने 15 दिनों तक बुजुर्ग को लगातार व्हाट्सएप कॉल पर निगरानी में रखा और हर घंटे “WE ARE SAFE” लिखकर भेजने को कहा। इस दौरान उन्होंने मानेन्द्र सिंह और उनकी पत्नी की चार एफडी तुड़वाकर ₹22.69 लाख एक खाते में जमा कराए और बाद में RBI का फर्जी पत्र भेजकर जांच के नाम पर ₹22 लाख एक निजी कंपनी के खाते में RTGS के जरिए ट्रांसफर करा लिए। बाद में जब ठगों ने जेवर गिरवी रखकर ₹8 लाख और भेजने की मांग की तो बुजुर्ग को शक हुआ। परिवार को जानकारी देने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अमरपाटन थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मैहर में रिटायर्ड कर्मचारी से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ₹22 लाख की ठगी, 15 दिन तक व्हाट्सएप कॉल पर रखा




